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Suraj Ramola

छात्रसंघ अध्यक्ष एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी

एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव 2023

एमबीपीजी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी प्रत्याशी सूरज रमोला ने निर्दलीय प्रत्याशी संजय जोशी को कड़ी टक्कर देते हुए 17 वोट से जीत दर्ज की।

वर्ष 2023 के इस चुनाव में कॉलेज के 8568 मतदाताओं में से 3183 छात्र-छात्राओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। सूरज रमोला को 1554 और संजय जोशी को 1537 वोट पड़े। इसके साथ ही विवि प्रतिनिधि पद पर हुए त्रिकोणीय मुकाबले में विद्यार्थी परिषद के गौरव कांडपाल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सुजल सचिन को 1065 मतों के भारी अंतर से हराया।

कुमायूं के सबसे बड़े महाविद्यालय एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में सूरज रमोला की जीत के साथ एबीवीपी ने एमबीपीजी कॉलेज में पांच साल बाद निर्दलीय का वर्चस्व तोड़ा। इस तरह सूरज रमोला ने पांच साल बाद कॉलेज में भगवा लहराया है। यहां अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के सूरज रमोला ने निर्दलीय प्रत्याशी संजय जोशी को कड़े मुकाबले में हराकर जीत हासिल की है।

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एमबीपीजी कॉलेज में एबीवीपी

हल्द्वानी में एबीवीपी को संगठनात्मक तौर पर मजबूत माना जाता है। संघ परिवार और उसके आनुषांगिक संगठनों का आशीर्वाद भी साथ रहता है। पर तमाम कोशिशों के बाद भी विगत पाँच वर्षों से एबीवीपी कुमाऊं के सबसे बड़े कॉलेज में जीत का परचम नहीं लहरा पा रही थी। परंतु इस चुनाव में सूरज रमोला के साथ ही जिले के अन्य पांच कॉलेजों में भी एबीवीपी प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया है।

2018 में छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर आखिरी बार एबीवीपी प्रत्याशी के खाते में जीत आई थी। तब हुए चुनाव में गौरव कोरंगा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 959 वोट से हराकर जीत हासिल की थी। 2019 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राहुल धामी ने विजय प्राप्त की थी। कोविड के चलते वर्ष-2020 और 2021 में चुनाव नहीं हुए। पिछले साल हुए चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रश्मि लमगड़िया ने एबीवीपी प्रत्याशी कौशल बिरखानी को 1294 वोट से हराया था। ऐसे में इस बार चुनाव को लेकर सबकी निगाह लगी हुई थी। आखिरकार इसबार हल्द्वानी में फिर से अपना दबदबा कायम करने में एबीवीपी सफल रही।

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एमबीपीजी कॉलेज में एबीवीपी

हल्द्वानी में एबीवीपी को संगठनात्मक तौर पर मजबूत माना जाता है। संघ परिवार और उसके आनुषांगिक संगठनों का आशीर्वाद भी साथ रहता है। पर तमाम कोशिशों के बाद भी विगत पाँच वर्षों से एबीवीपी कुमाऊं के सबसे बड़े कॉलेज में जीत का परचम नहीं लहरा पा रही थी। परंतु इस चुनाव में सूरज रमोला के साथ ही जिले के अन्य पांच कॉलेजों में भी एबीवीपी प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया है।

2018 में छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर आखिरी बार एबीवीपी प्रत्याशी के खाते में जीत आई थी। तब हुए चुनाव में गौरव कोरंगा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 959 वोट से हराकर जीत हासिल की थी। 2019 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राहुल धामी ने विजय प्राप्त की थी। कोविड के चलते वर्ष-2020 और 2021 में चुनाव नहीं हुए। पिछले साल हुए चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रश्मि लमगड़िया ने एबीवीपी प्रत्याशी कौशल बिरखानी को 1294 वोट से हराया था। ऐसे में इस बार चुनाव को लेकर सबकी निगाह लगी हुई थी। आखिरकार इसबार हल्द्वानी में फिर से अपना दबदबा कायम करने में एबीवीपी सफल रही।

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जीत का उत्साह

सूरज रमोला की इस जीत के कारण वर्तमान और पूर्व कार्यकर्ताओं के साथ साथ विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों में भी खासा उत्साह देखा जा सकता है। छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर सूरज रमोला का कहना है कि संगठन ने उन पर विश्वास कर उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह उसे पूरा करेंगे और छात्र शक्ति के समर्थन से महाविद्यालय के विकास के लिए कार्य करेंगे।

इस साल छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआइ ने अपना अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित नहीं किया, वहीं एबीवीपी ने सूरज रमोला को अपना प्रत्यासी बनाया। सूरज का मुकाबला निर्दलीय उम्मीदवार संजय जोशी से था। अपनी जीत पर सूरज रमोला ने कहा कि पिछले साल एबीवीपी के टिकट पर दो लोग चुनाव लड़ना चाह रहे थे। परंतु एक को टिकट मिलने से दूसरे ने बगावत कार दी और निर्दलीय चुनाव लड़ा, जिसमें उसकी जीत हुई। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।  इस बार एबीवीपी की ओर से अध्यक्ष पद का सिर्फ एक वही दावेदार था और उन्हें टिकट मिला है। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उनके ऊपर भरोसा भरोषा जताया, और उनकी जीत हुई।

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भविष्य की संभावना

एमबीपीजी कॉलेज उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल का सबसे बड़ा डिग्री कॉलेज है। कुमाऊं का यह महाविद्यालय राजनीति में अपना भविष्य देखने वालों का स्कूल कहा जाता है। यहां से निकलकर नेता विधानसभा और लोकसभा की दहलीज तक पार करते हैं।

अपनी जीत से उत्साहित सूरज का कहना है कि वह लगातार छात्रों के हितों में काम करते आए हैं और आगे भी वह छात्रों के लिए काम करते रहेंगे। यद्यपि अभी भविष्य की संभावना के विषय में सूरज रमोला अभी कुछ भी नहीं कहना चाहते परंतु छात्र राजनीति से प्रदेश की राजनीति में उनका उजवाल भविष्य दिख रहा है। 

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एमबीपीजी कॉलेज में छात्र संघ का इतिहास

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