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गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर के बिड़ला परिसर के छात्र संघ चुनाव में निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बागी गौरव मोहन नेगी अध्यक्ष चुने गए।
छात्र राजनीति की पहली सीढ़ी छात्र संघ चुनाव होते हैं। गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष पद पर पहली बार बतौर निर्दलीय प्रत्याशी गौरव मोहन सिंह नेगी ने जीत दर्ज कर एक रिकार्ड बनाया है। अध्यक्ष पद पर चार प्रत्याशियों में मुकाबला था। गौरव मोहन सिंह नेगी ने अपने प्रतिद्वंद्वी जय हो संगठन के कैवल्य जखमोला को 195 मतों से हराया। एबीवीपी प्रत्याशी अमन पंत को तीसरे स्थान पर रहे। अध्यक्ष पद पर गौरव नेगी को 1688, कैवल्य जखमोला को 1493, अमन पंत को 1205 और वैभव सकलानी को 122 मत मिले।
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संघर्ष यात्रा
गौरव मोहन सिंह नेगी का जन्म एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। गौरव पिछले 8-9 साल से विद्यार्थी परिषद के कर्मठ कार्यकर्त्ता रहे थे। सांगठनिक कार्यों में निपुण गौरव मोहन सिंह नेगी अभाविप जिला संयोजक, पौड़ी गढ़वाल और नगर मंत्री, अभाविप श्रीनगर गढ़वाल के पद का निर्वहन कर चुके थे। लेकिन परिषद ने इस चुनाव में अमनबल्लभ पंत को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया, जिससे गौरव नेगी के समर्थक छात्र-छात्राओं ने विद्यार्थी परिषद से विद्रोह कर दिया। गौरव मोहन नेगी विद्यार्थी परिषद से विद्रोह कर बतौर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे थे। बतौर निर्दलीय गौरव मोहन नेगी का चुनाव लड़ना विद्यार्थी परिषद को भारी पड़ गया और विद्यार्थी परिषद तीसरे स्थान पर पिछड़ गया।
विनम्र स्वभाव के गौरव मोहन सिंह नेगी ने अपनी जीत के बाद कहा कि मेरी जीत के लिए मैं हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के आप सभी छात्र छात्राओं, गुरुजनों ,कर्मचारियों व अभिभावकों एवं प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से साथ देने वाले सभी अग्रज एवं अनुज छात्र-छात्राओं के चरणों में नतमस्तक हूँ। अपने शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर गौरव मोहन नेगी ने कहा कि यह आप सभी की जीत है, आप सभी के संघर्ष ने आज विश्वविद्यालय में इतिहास रचने का कार्य किया है। उन्होने समस्त छात्र शक्ति का आभार व्यक्त किया। उन्होने कहा कि मैं समस्त छात्रशक्ति का हृदय की गहराई से हार्दिक आभार और धन्यवाद प्रकट करता हूँ।
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संघर्ष की जीत
गौरव मोहन सिंह नेगी का मानना है कि कोशिश तब तक करते रहिए जब तक सफलता मिल न जाए। गौरव का कहना है कि मैं छात्रहितों के लिए सदैव संघर्षरत रहूँगा।
प्राथमिकताएं
चुनाव के दौरान उन्होने वादा किया था कि मेरी प्रथम प्राथमिकता हैं कि छात्रों के सुगम्य आवागमन के लिए विश्वविद्यालय की बसें चौरास परिसर के अन्दर तक जानी चाहिए। अध्यक्ष का चुनाव जीतने के तुरंत बाद उन्होने इस वादे को पूरा किया। उनका कहना है कि छात्र हितों को देखते हुए वे लगातार समस्याओं के समाधान के कार्य कार रहे हैं, और आने वाले दिनों में भी ये जारी रहेग। विश्वविद्यालय के छात्रावासों और विभागों के जीर्णोद्धार के कार्यों पर भी उनका जोर रहेगा।
गौरव मोहन सिंह नेगी का कहना है कि मैं महिला सशक्तिकरण एवम हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हूं।
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राजनैतिक भविष्य
राजनीति में अक्सर होता है कि आज के युवा छात्र नेता कल के राजनेता बनते हैं । छात्र संघ चुनाव में गौरव मोहन सिंह नेगी के लिए भाजपा व एबीवीपी के कुछ स्थानीय नेता खुले और अंदरुनी तौर पर काम कर रहे थे। ऐसा माना जाता है कि छात्र राजनीति के साथ गौरव अपना राजनैतिक भविष्य साधने का भी प्रयास करेंगे। कहते हैं कि गौरव प्रदेश के कद्दावर भाजपा नेता धन सिंह के राजनीतिक शिष्य हैं, उनका मार्गदर्शन गौरव मोहन सिंह नेगी को मिलेगा, यह तय है।
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